17 अक्टूबर 2029 को दुर्गापुर का चौघड़िया

बुधवार, 17 अक्टूबर 2029, दुर्गापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 अक्टूबर 2029 को दुर्गापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:38, 18 अक्टू॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (18:58 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 11:25 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 17:13
रात 05:39 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 18:58 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:38 – 07:05शुभ
अमृत07:05 – 08:32शुभ
काल08:32 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:19टालें
चर14:19 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:13 – 18:46टालें
शुभ18:46 – 20:19शुभ
अमृत20:19 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:26सामान्य
रोग23:26 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:32टालें
लाभ02:32 – 04:05शुभ
उद्वेग04:05 – 05:39टालें

17 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:38, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:00, 18 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 06:43 तक
गंडअशुभ 06:37, 18 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 17:57 तक
विष्टि (भद्रा) 06:38, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 06:06 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
14:06
चंद्रास्त
01:10
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:25 – 12:52
यमगंड
07:05 – 08:32
गुलिक काल
09:59 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3806:36दिन
चंद्र06:3607:34दिन
शनि07:3408:32दिन
गुरु08:3209:30दिन
मंगल09:3010:28दिन
सूर्य10:2811:25दिन
शुक्र11:2512:23दिन
बुध12:2313:21दिन
चंद्र13:2114:19दिन
शनि14:1915:17दिन
गुरु15:1716:15दिन
मंगल16:1517:13दिन
सूर्य17:1318:15रात
शुक्र18:1519:17रात
बुध19:1720:19रात
चंद्र20:1921:21रात
शनि21:2122:23रात
गुरु22:2323:26रात
मंगल23:2600:28रात
सूर्य00:2801:30रात
शुक्र01:3002:32रात
बुध02:3203:34रात
चंद्र03:3404:37रात
शनि04:3705:39रात

अयनांश 24.2732° (लाहिड़ी)। समय दुर्गापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।