19 दिसंबर 2024 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 19 दिसंबर 2024, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2024 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (10:03 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:59, 20 दिस॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 14:12 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:14
रात 07:28 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:59 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:28 – 08:48शुभ
रोग08:48 – 10:09टालें
उद्वेग10:09 – 11:30टालें
चर11:30 – 12:51सामान्य
लाभ12:51 – 14:12शुभ
अमृत14:12 – 15:32शुभ
काल15:32 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:14 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:33सामान्य
रोग21:33 – 23:12टालें
काल23:12 – 00:51टालें
लाभ00:51 – 02:30शुभ
उद्वेग02:30 – 04:10टालें
शुभ04:10 – 05:49शुभ
अमृत05:49 – 07:28शुभ

19 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 10:03 तक
कृष्ण पंचमी 10:49, 20 दिस॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:59, 20 दिस॰ तक
मघा 03:47, 21 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:33 तक
विष्कंभअशुभ 18:11, 20 दिस॰ तक
करण
बालव 10:03 तक
कौलव 22:20 तक
तैतिल 10:49, 20 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:59, 20 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
22:13
चंद्रास्त
10:52
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:12

अशुभ समय

राहुकाल
14:12 – 15:32
यमगंड
07:28 – 08:48
गुलिक काल
10:09 – 11:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2808:21दिन
मंगल08:2109:15दिन
सूर्य09:1510:09दिन
शुक्र10:0911:03दिन
बुध11:0311:57दिन
चंद्र11:5712:51दिन
शनि12:5113:45दिन
गुरु13:4514:39दिन
मंगल14:3915:32दिन
सूर्य15:3216:26दिन
शुक्र16:2617:20दिन
बुध17:2018:14दिन
चंद्र18:1419:20रात
शनि19:2020:26रात
गुरु20:2621:33रात
मंगल21:3322:39रात
सूर्य22:3923:45रात
शुक्र23:4500:51रात
बुध00:5101:57रात
चंद्र01:5703:03रात
शनि03:0304:10रात
गुरु04:1005:16रात
मंगल05:1606:22रात
सूर्य06:2207:28रात

अयनांश 24.2058° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।