20 जनवरी 2025 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 20 जनवरी 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 जनवरी 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:59 तक), नक्षत्र हस्त (20:30 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:34
रात 07:35 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 20:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:35 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 11:42शुभ
रोग11:42 – 13:05टालें
उद्वेग13:05 – 14:27टालें
चर14:27 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:34 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 01:05शुभ
उद्वेग01:05 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:20शुभ
अमृत04:20 – 05:57शुभ
चर05:57 – 07:35सामान्य

20 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:59 तक
कृष्ण सप्तमी 12:40, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:30 तक
चित्रा 23:36, 21 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 02:52, 21 जन॰ तक
धृति 03:49, 22 जन॰ तक
करण
वणिज 09:59 तक
विष्टि (भद्रा) 23:18 तक
बव 12:40, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:30
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:27

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:20
यमगंड
11:42 – 13:05
गुलिक काल
14:27 – 15:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3508:30दिन
शनि08:3009:25दिन
गुरु09:2510:20दिन
मंगल10:2011:15दिन
सूर्य11:1512:10दिन
शुक्र12:1013:05दिन
बुध13:0514:00दिन
चंद्र14:0014:55दिन
शनि14:5515:50दिन
गुरु15:5016:44दिन
मंगल16:4417:39दिन
सूर्य17:3918:34दिन
शुक्र18:3419:39रात
बुध19:3920:44रात
चंद्र20:4421:50रात
शनि21:5022:55रात
गुरु22:5500:00रात
मंगल00:0001:05रात
सूर्य01:0502:10रात
शुक्र02:1003:15रात
बुध03:1504:20रात
चंद्र04:2005:25रात
शनि05:2506:30रात
गुरु06:3007:35रात

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।