25 जनवरी 2025 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 25 जनवरी 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 जनवरी 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (20:32 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:26, 26 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:38
रात 07:34 तक
तिथि
एकादशी, 20:32 तक
द्वादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:34 – 08:57टालें
शुभ08:57 – 10:20शुभ
रोग10:20 – 11:43टालें
उद्वेग11:43 – 13:06टालें
चर13:06 – 14:29सामान्य
लाभ14:29 – 15:52शुभ
अमृत15:52 – 17:15शुभ
काल17:15 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:38 – 20:15शुभ
उद्वेग20:15 – 21:52टालें
शुभ21:52 – 23:29शुभ
अमृत23:29 – 01:06शुभ
चर01:06 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:57टालें
लाभ05:57 – 07:34शुभ

25 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 20:32 तक
कृष्ण द्वादशी 20:55, 26 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:26, 26 जन॰ तक
योग
ध्रुव 04:37, 26 जन॰ तक
व्याघातअशुभ 03:33, 27 जन॰ तक
करण
बव 08:04 तक
बालव 20:32 तक
कौलव 08:49, 26 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
03:50
चंद्रास्त
14:36
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:43
यमगंड
14:29 – 15:52
गुलिक काल
07:34 – 08:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3408:30दिन
गुरु08:3009:25दिन
मंगल09:2510:20दिन
सूर्य10:2011:15दिन
शुक्र11:1512:11दिन
बुध12:1113:06दिन
चंद्र13:0614:01दिन
शनि14:0114:57दिन
गुरु14:5715:52दिन
मंगल15:5216:47दिन
सूर्य16:4717:42दिन
शुक्र17:4218:38दिन
बुध18:3819:42रात
चंद्र19:4220:47रात
शनि20:4721:52रात
गुरु21:5222:57रात
मंगल22:5700:01रात
सूर्य00:0101:06रात
शुक्र01:0602:11रात
बुध02:1103:15रात
चंद्र03:1504:20रात
शनि04:2005:25रात
गुरु05:2506:29रात
मंगल06:2907:34रात

अयनांश 24.2072° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।