24 जनवरी 2025 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (19:25 तक), नक्षत्र अनुराधा (07:07, 25 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 11:43 से 13:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:37
रात 07:34 तक
तिथि
दशमी, 19:25 तक
एकादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 07:07 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:34 – 08:57सामान्य
लाभ08:57 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 11:43शुभ
काल11:43 – 13:06टालें
शुभ13:06 – 14:29शुभ
रोग14:29 – 15:51टालें
उद्वेग15:51 – 17:14टालें
चर17:14 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 20:14टालें
काल20:14 – 21:51टालें
लाभ21:51 – 23:29शुभ
उद्वेग23:29 – 01:06टालें
शुभ01:06 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:57सामान्य
रोग05:57 – 07:34टालें

24 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 19:25 तक
कृष्ण एकादशी 20:32, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:07, 25 जन॰ तक
ज्येष्ठा 08:26, 26 जन॰ तक
योग
वृद्धि 05:08, 25 जन॰ तक
ध्रुव 04:37, 26 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 19:25 तक
बव 08:04, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
02:53
चंद्रास्त
13:49
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
11:43 – 13:06
यमगंड
15:51 – 17:14
गुलिक काल
08:57 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:3408:30दिन
बुध08:3009:25दिन
चंद्र09:2510:20दिन
शनि10:2011:15दिन
गुरु11:1512:11दिन
मंगल12:1113:06दिन
सूर्य13:0614:01दिन
शुक्र14:0114:56दिन
बुध14:5615:51दिन
चंद्र15:5116:47दिन
शनि16:4717:42दिन
गुरु17:4218:37दिन
मंगल18:3719:42रात
सूर्य19:4220:47रात
शुक्र20:4721:51रात
बुध21:5122:56रात
चंद्र22:5600:01रात
शनि00:0101:06रात
गुरु01:0602:10रात
मंगल02:1003:15रात
सूर्य03:1504:20रात
शुक्र04:2005:25रात
बुध05:2506:30रात
चंद्र06:3007:34रात

अयनांश 24.2072° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।