12 अक्टूबर 2025 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 12 अक्टूबर 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:17 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:31
रात 06:49 तक
तिथि
षष्ठी, 14:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:36 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:49 – 08:17टालें
चर08:17 – 09:44सामान्य
लाभ09:44 – 11:12शुभ
अमृत11:12 – 12:40शुभ
काल12:40 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:03टालें
उद्वेग17:03 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:31 – 20:03शुभ
अमृत20:03 – 21:36शुभ
चर21:36 – 23:08सामान्य
रोग23:08 – 00:40टालें
काल00:40 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:17टालें
शुभ05:17 – 06:49शुभ

12 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:17 तक
कृष्ण सप्तमी 12:24, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 12:27, 13 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 10:55 तक
परिघअशुभ 08:10, 13 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:17 तक
विष्टि (भद्रा) 01:16, 13 अक्टू॰ तक
बव 12:24, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
23:07
चंद्रास्त
12:20
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:31
यमगंड
12:40 – 14:08
गुलिक काल
15:36 – 17:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4907:47दिन
शुक्र07:4708:46दिन
बुध08:4609:44दिन
चंद्र09:4410:43दिन
शनि10:4311:41दिन
गुरु11:4112:40दिन
मंगल12:4013:38दिन
सूर्य13:3814:37दिन
शुक्र14:3715:36दिन
बुध15:3616:34दिन
चंद्र16:3417:33दिन
शनि17:3318:31दिन
गुरु18:3119:33रात
मंगल19:3320:34रात
सूर्य20:3421:36रात
शुक्र21:3622:37रात
बुध22:3723:39रात
चंद्र23:3900:40रात
शनि00:4001:42रात
गुरु01:4202:43रात
मंगल02:4303:45रात
सूर्य03:4504:46रात
शुक्र04:4605:48रात
बुध05:4806:49रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।