25 दिसंबर 2025 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 25 दिसंबर 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (13:43 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:18 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:30 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 14:15 से 15:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:30 – 18:17
रात 07:31 तक
तिथि
पंचमी, 13:43 तक
षष्ठी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:30 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:12टालें
उद्वेग10:12 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:54सामान्य
लाभ12:54 – 14:15शुभ
अमृत14:15 – 15:35शुभ
काल15:35 – 16:56टालें
शुभ16:56 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:17 – 19:56शुभ
चर19:56 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:54टालें
लाभ00:54 – 02:33शुभ
उद्वेग02:33 – 04:12टालें
शुभ04:12 – 05:52शुभ
अमृत05:52 – 07:31शुभ

25 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 13:43 तक
शुक्ल षष्ठी 13:44, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:00, 26 दिस॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:13 तक
सिद्धि 14:01, 26 दिस॰ तक
करण
बालव 13:43 तक
कौलव 01:47, 26 दिस॰ तक
तैतिल 13:44, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:30
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
11:16
चंद्रास्त
23:03
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:37
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
14:15 – 15:35
यमगंड
07:30 – 08:51
गुलिक काल
10:12 – 11:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:3008:24दिन
मंगल08:2409:18दिन
सूर्य09:1810:12दिन
शुक्र10:1211:06दिन
बुध11:0612:00दिन
चंद्र12:0012:54दिन
शनि12:5413:48दिन
गुरु13:4814:42दिन
मंगल14:4215:35दिन
सूर्य15:3516:29दिन
शुक्र16:2917:23दिन
बुध17:2318:17दिन
चंद्र18:1719:23रात
शनि19:2320:29रात
गुरु20:2921:36रात
मंगल21:3622:42रात
सूर्य22:4223:48रात
शुक्र23:4800:54रात
बुध00:5402:00रात
चंद्र02:0003:06रात
शनि03:0604:12रात
गुरु04:1205:19रात
मंगल05:1906:25रात
सूर्य06:2507:31रात

अयनांश 24.2200° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।