7 जनवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

बुधवार, 7 जनवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:34, 8 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (11:56 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 13:00 से 14:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:25
रात 07:35 तक
तिथि
पंचमी, 06:34 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मघा, 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:35 – 08:56शुभ
अमृत08:56 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:39टालें
शुभ11:39 – 13:00शुभ
रोग13:00 – 14:21टालें
उद्वेग14:21 – 15:43टालें
चर15:43 – 17:04सामान्य
लाभ17:04 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:25 – 20:04टालें
शुभ20:04 – 21:43शुभ
अमृत21:43 – 23:21शुभ
चर23:21 – 01:00सामान्य
रोग01:00 – 02:39टालें
काल02:39 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:56शुभ
उद्वेग05:56 – 07:35टालें

7 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56 तक
योग
आयुष्मान 18:33 तक
सौभाग्य 17:25, 8 जन॰ तक
करण
कौलव 18:37 तक
तैतिल 06:34, 8 जन॰ तक
गर 18:43, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
22:33
चंद्रास्त
10:36
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:22 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:00 – 14:21
यमगंड
08:56 – 10:17
गुलिक काल
11:39 – 13:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3508:29दिन
चंद्र08:2909:23दिन
शनि09:2310:17दिन
गुरु10:1711:11दिन
मंगल11:1112:06दिन
सूर्य12:0613:00दिन
शुक्र13:0013:54दिन
बुध13:5414:48दिन
चंद्र14:4815:43दिन
शनि15:4316:37दिन
गुरु16:3717:31दिन
मंगल17:3118:25दिन
सूर्य18:2519:31रात
शुक्र19:3120:37रात
बुध20:3721:43रात
चंद्र21:4322:48रात
शनि22:4823:54रात
गुरु23:5401:00रात
मंगल01:0002:06रात
सूर्य02:0603:12रात
शुक्र03:1204:17रात
बुध04:1705:23रात
चंद्र05:2306:29रात
शनि06:2907:35रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।