6 जनवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 6 जनवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:17 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 15:42 से 17:03 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:25
रात 07:35 तक
तिथि
चतुर्थी, 06:53 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:34 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:17टालें
चर10:17 – 11:38सामान्य
लाभ11:38 – 12:59शुभ
अमृत12:59 – 14:21शुभ
काल14:21 – 15:42टालें
शुभ15:42 – 17:03शुभ
रोग17:03 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:25 – 20:03टालें
लाभ20:03 – 21:42शुभ
उद्वेग21:42 – 23:21टालें
शुभ23:21 – 01:00शुभ
अमृत01:00 – 02:38शुभ
चर02:38 – 04:17सामान्य
रोग04:17 – 05:56टालें
काल05:56 – 07:35टालें

6 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:02 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:53, 7 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56, 7 जन॰ तक
योग
प्रीति 20:21 तक
आयुष्मान 18:33, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:02 तक
बव 19:21 तक
बालव 06:53, 7 जन॰ तक
कौलव 18:37, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 12:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
21:36
चंद्रास्त
09:59
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
15:42 – 17:03
यमगंड
10:17 – 11:38
गुलिक काल
12:59 – 14:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3408:29दिन
सूर्य08:2909:23दिन
शुक्र09:2310:17दिन
बुध10:1711:11दिन
चंद्र11:1112:05दिन
शनि12:0512:59दिन
गुरु12:5913:54दिन
मंगल13:5414:48दिन
सूर्य14:4815:42दिन
शुक्र15:4216:36दिन
बुध16:3617:30दिन
चंद्र17:3018:25दिन
शनि18:2519:30रात
गुरु19:3020:36रात
मंगल20:3621:42रात
सूर्य21:4222:48रात
शुक्र22:4823:54रात
बुध23:5401:00रात
चंद्र01:0002:05रात
शनि02:0503:11रात
गुरु03:1104:17रात
मंगल04:1705:23रात
सूर्य05:2306:29रात
शुक्र06:2907:35रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।