7 मार्च 2026 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 7 मार्च 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 मार्च 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (19:17 तक), नक्षत्र चित्रा (11:15 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 10:07 से 11:36 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 19:00
रात 07:09 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:17 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 11:15 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:10 – 08:39टालें
शुभ08:39 – 10:07शुभ
रोग10:07 – 11:36टालें
उद्वेग11:36 – 13:05टालें
चर13:05 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 16:02शुभ
अमृत16:02 – 17:31शुभ
काल17:31 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:00 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 22:02टालें
शुभ22:02 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:04शुभ
चर01:04 – 02:36सामान्य
रोग02:36 – 04:07टालें
काल04:07 – 05:38टालें
लाभ05:38 – 07:09शुभ

7 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 19:17 तक
कृष्ण पंचमी 21:11, 8 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 11:15 तक
स्वाति 13:31, 8 मार्च तक
योग
ध्रुव 07:04, 8 मार्च तक
व्याघातअशुभ 07:35, 9 मार्च तक
करण
बालव 19:17 तक
कौलव 08:11, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
22:34
चंद्रास्त
09:13
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:41 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:07 – 11:36
यमगंड
14:34 – 16:02
गुलिक काल
07:10 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1008:09दिन
गुरु08:0909:08दिन
मंगल09:0810:07दिन
सूर्य10:0711:06दिन
शुक्र11:0612:06दिन
बुध12:0613:05दिन
चंद्र13:0514:04दिन
शनि14:0415:03दिन
गुरु15:0316:02दिन
मंगल16:0217:01दिन
सूर्य17:0118:01दिन
शुक्र18:0119:00दिन
बुध19:0020:01रात
चंद्र20:0121:01रात
शनि21:0122:02रात
गुरु22:0223:03रात
मंगल23:0300:04रात
सूर्य00:0401:04रात
शुक्र01:0402:05रात
बुध02:0503:06रात
चंद्र03:0604:07रात
शनि04:0705:07रात
गुरु05:0706:08रात
मंगल06:0807:09रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।