29 अक्टूबर 2026 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:11 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 14:03 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:18
रात 06:57 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:56 – 08:21शुभ
रोग08:21 – 09:47टालें
उद्वेग09:47 – 11:12टालें
चर11:12 – 12:37सामान्य
लाभ12:37 – 14:03शुभ
अमृत14:03 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:18 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:28सामान्य
रोग21:28 – 23:03टालें
काल23:03 – 00:37टालें
लाभ00:37 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:47टालें
शुभ03:47 – 05:22शुभ
अमृत05:22 – 06:57शुभ

29 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:10 तक
कृष्ण पंचमी 19:25, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:11 तक
मृगशिरा 09:04, 30 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 00:06, 30 अक्टू॰ तक
शिव 20:41, 30 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:37 तक
बालव 22:10 तक
कौलव 08:46, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 22:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
10:13
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:03 – 15:28
यमगंड
06:56 – 08:21
गुलिक काल
09:47 – 11:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5607:53दिन
मंगल07:5308:50दिन
सूर्य08:5009:47दिन
शुक्र09:4710:43दिन
बुध10:4311:40दिन
चंद्र11:4012:37दिन
शनि12:3713:34दिन
गुरु13:3414:31दिन
मंगल14:3115:28दिन
सूर्य15:2816:25दिन
शुक्र16:2517:22दिन
बुध17:2218:18दिन
चंद्र18:1819:22रात
शनि19:2220:25रात
गुरु20:2521:28रात
मंगल21:2822:31रात
सूर्य22:3123:34रात
शुक्र23:3400:37रात
बुध00:3701:41रात
चंद्र01:4102:44रात
शनि02:4403:47रात
गुरु03:4704:50रात
मंगल04:5005:53रात
सूर्य05:5306:57रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।