4 जनवरी 2027 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 4 जनवरी 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 जनवरी 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (18:16 तक), नक्षत्र अनुराधा (00:15, 5 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 08:55 से 10:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:23
रात 07:34 तक
तिथि
द्वादशी, 18:16 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:15 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:34 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:16टालें
शुभ10:16 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 12:58टालें
उद्वेग12:58 – 14:20टालें
चर14:20 – 15:41सामान्य
लाभ15:41 – 17:02शुभ
अमृत17:02 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 20:02सामान्य
रोग20:02 – 21:41टालें
काल21:41 – 23:20टालें
लाभ23:20 – 00:59शुभ
उद्वेग00:59 – 02:37टालें
शुभ02:37 – 04:16शुभ
अमृत04:16 – 05:55शुभ
चर05:55 – 07:34सामान्य

4 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 18:16 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:40, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:15, 5 जन॰ तक
ज्येष्ठा 03:07, 6 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 12:03 तक
गंडअशुभ 12:43, 5 जन॰ तक
करण
तैतिल 18:16 तक
गर 07:26, 5 जन॰ तक
वणिज 20:40, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
04:37
चंद्रास्त
15:26
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:48 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:55 – 10:16
यमगंड
11:37 – 12:58
गुलिक काल
14:20 – 15:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3408:28दिन
शनि08:2809:22दिन
गुरु09:2210:16दिन
मंगल10:1611:10दिन
सूर्य11:1012:04दिन
शुक्र12:0412:58दिन
बुध12:5813:53दिन
चंद्र13:5314:47दिन
शनि14:4715:41दिन
गुरु15:4116:35दिन
मंगल16:3517:29दिन
सूर्य17:2918:23दिन
शुक्र18:2319:29रात
बुध19:2920:35रात
चंद्र20:3521:41रात
शनि21:4122:47रात
गुरु22:4723:53रात
मंगल23:5300:59रात
सूर्य00:5902:04रात
शुक्र02:0403:10रात
बुध03:1004:16रात
चंद्र04:1605:22रात
शनि05:2206:28रात
गुरु06:2807:34रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।