16 मार्च 2027 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 16 मार्च 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 मार्च 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (08:54 तक), नक्षत्र मृगशिरा (08:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 16:03 से 17:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 19:03
रात 07:01 तक
तिथि
नवमी, 06:44 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 06:45 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:02 – 08:32टालें
उद्वेग08:32 – 10:02टालें
चर10:02 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 13:03शुभ
अमृत13:03 – 14:33शुभ
काल14:33 – 16:03टालें
शुभ16:03 – 17:33शुभ
रोग17:33 – 19:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:03 – 20:33टालें
लाभ20:33 – 22:03शुभ
उद्वेग22:03 – 23:32टालें
शुभ23:32 – 01:02शुभ
अमृत01:02 – 02:32शुभ
चर02:32 – 04:02सामान्य
रोग04:02 – 05:31टालें
काल05:31 – 07:01टालें

16 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 08:54 तक
शुक्ल नवमी 06:44, 17 मार्च तक
शुक्ल दशमी 04:21, 18 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:45, 17 मार्च तक
पुनर्वसु 05:07, 18 मार्च तक
योग
आयुष्मान 11:50 तक
सौभाग्य 08:53, 17 मार्च तक
करण
बव 08:54 तक
बालव 19:51 तक
कौलव 06:44, 17 मार्च तक
तैतिल 17:34, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
12:47
चंद्रास्त
01:57
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:27

अशुभ समय

राहुकाल
16:03 – 17:33
यमगंड
10:02 – 11:32
गुलिक काल
13:03 – 14:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0208:02दिन
सूर्य08:0209:02दिन
शुक्र09:0210:02दिन
बुध10:0211:02दिन
चंद्र11:0212:02दिन
शनि12:0213:03दिन
गुरु13:0314:03दिन
मंगल14:0315:03दिन
सूर्य15:0316:03दिन
शुक्र16:0317:03दिन
बुध17:0318:03दिन
चंद्र18:0319:03दिन
शनि19:0320:03रात
गुरु20:0321:03रात
मंगल21:0322:03रात
सूर्य22:0323:02रात
शुक्र23:0200:02रात
बुध00:0201:02रात
चंद्र01:0202:02रात
शनि02:0203:02रात
गुरु03:0204:02रात
मंगल04:0205:01रात
सूर्य05:0106:01रात
शुक्र06:0107:01रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।