21 अगस्त 2028 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 21 अगस्त 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 21 अगस्त 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:29 तक), नक्षत्र मघा (07:30 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 19:20
रात 06:33 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:29 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 04:34 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:45टालें
शुभ09:45 – 11:21शुभ
रोग11:21 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:32टालें
चर14:32 – 16:08सामान्य
लाभ16:08 – 17:44शुभ
अमृत17:44 – 19:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:20 – 20:44सामान्य
रोग20:44 – 22:08टालें
काल22:08 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 00:57शुभ
उद्वेग00:57 – 02:21टालें
शुभ02:21 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:09शुभ
चर05:09 – 06:33सामान्य

21 अगस्त 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:29 तक
शुक्ल द्वितीया 08:44, 22 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:30 तक
योग
शिव 20:55 तक
सिद्ध 16:47, 22 अग॰ तक
करण
बव 12:29 तक
बालव 22:36 तक
कौलव 08:44, 22 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
19:20
चंद्रोदय
07:17
चंद्रास्त
19:54
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:45
यमगंड
11:21 – 12:57
गुलिक काल
14:32 – 16:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:37दिन
शनि07:3708:41दिन
गुरु08:4109:45दिन
मंगल09:4510:49दिन
सूर्य10:4911:53दिन
शुक्र11:5312:57दिन
बुध12:5714:00दिन
चंद्र14:0015:04दिन
शनि15:0416:08दिन
गुरु16:0817:12दिन
मंगल17:1218:16दिन
सूर्य18:1619:20दिन
शुक्र19:2020:16रात
बुध20:1621:12रात
चंद्र21:1222:08रात
शनि22:0823:04रात
गुरु23:0400:01रात
मंगल00:0100:57रात
सूर्य00:5701:53रात
शुक्र01:5302:49रात
बुध02:4903:45रात
चंद्र03:4504:41रात
शनि04:4105:37रात
गुरु05:3706:33रात

अयनांश 24.2571° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।