20 अगस्त 2028 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 20 अगस्त 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 20 अगस्त 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:13 तक), नक्षत्र आश्लेषा (10:23 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 17:45 से 19:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 19:21
रात 06:33 तक
तिथि
अमावस्या, 16:13 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 10:23 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:33 – 08:09टालें
चर08:09 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:21शुभ
अमृत11:21 – 12:57शुभ
काल12:57 – 14:33टालें
शुभ14:33 – 16:09शुभ
रोग16:09 – 17:45टालें
उद्वेग17:45 – 19:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:21 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:33सामान्य
रोग23:33 – 00:57टालें
काल00:57 – 02:21टालें
लाभ02:21 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:09टालें
शुभ05:09 – 06:33शुभ

20 अगस्त 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 16:13 तक
शुक्ल प्रतिपदा 12:29, 21 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:30, 21 अग॰ तक
योग
परिघअशुभ 01:07, 21 अग॰ तक
शिव 20:55, 21 अग॰ तक
करण
नाग 16:13 तक
किंस्तुघ्न 02:22, 21 अग॰ तक
बव 12:29, 21 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 10:23 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
06:12
चंद्रास्त
19:13
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
17:45 – 19:21
यमगंड
12:57 – 14:33
गुलिक काल
16:09 – 17:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3307:37दिन
शुक्र07:3708:41दिन
बुध08:4109:45दिन
चंद्र09:4510:49दिन
शनि10:4911:53दिन
गुरु11:5312:57दिन
मंगल12:5714:01दिन
सूर्य14:0115:05दिन
शुक्र15:0516:09दिन
बुध16:0917:13दिन
चंद्र17:1318:17दिन
शनि18:1719:21दिन
गुरु19:2120:17रात
मंगल20:1721:13रात
सूर्य21:1322:09रात
शुक्र22:0923:05रात
बुध23:0500:01रात
चंद्र00:0100:57रात
शनि00:5701:53रात
गुरु01:5302:49रात
मंगल02:4903:45रात
सूर्य03:4504:41रात
शुक्र04:4105:37रात
बुध05:3706:33रात

अयनांश 24.2571° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।