4 सितंबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 4 सितंबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 सितंबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (07:44, 5 सित॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (09:53 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 19:07
रात 06:38 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 09:53 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:37 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:45टालें
शुभ09:45 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:26टालें
चर14:26 – 16:00सामान्य
लाभ16:00 – 17:34शुभ
अमृत17:34 – 19:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:07 – 20:34सामान्य
रोग20:34 – 22:00टालें
काल22:00 – 23:26टालें
लाभ23:26 – 00:53शुभ
उद्वेग00:53 – 02:19टालें
शुभ02:19 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:11शुभ
चर05:11 – 06:38सामान्य

4 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 07:44, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:53 तक
पूर्वा भाद्रपद 12:53, 5 सित॰ तक
योग
धृति 02:17, 5 सित॰ तक
शूलअशुभ 03:12, 6 सित॰ तक
करण
बालव 18:31 तक
कौलव 07:44, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 06:08, 5 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
19:10
चंद्रास्त
06:43
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:45
यमगंड
11:19 – 12:52
गुलिक काल
14:26 – 16:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3707:40दिन
शनि07:4008:42दिन
गुरु08:4209:45दिन
मंगल09:4510:47दिन
सूर्य10:4711:50दिन
शुक्र11:5012:52दिन
बुध12:5213:55दिन
चंद्र13:5514:57दिन
शनि14:5716:00दिन
गुरु16:0017:02दिन
मंगल17:0218:05दिन
सूर्य18:0519:07दिन
शुक्र19:0720:05रात
बुध20:0521:02रात
चंद्र21:0222:00रात
शनि22:0022:57रात
गुरु22:5723:55रात
मंगल23:5500:53रात
सूर्य00:5301:50रात
शुक्र01:5002:48रात
बुध02:4803:45रात
चंद्र03:4504:43रात
शनि04:4305:40रात
गुरु05:4006:38रात

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।