3 सितंबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 3 सितंबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 3 सितंबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (05:17, 4 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:55 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 19:08 पर है। राहुकाल 17:34 से 19:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 19:08
रात 06:37 तक
तिथि
पूर्णिमा, 05:17 तक
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:37 – 08:11टालें
चर08:11 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:19शुभ
अमृत11:19 – 12:53शुभ
काल12:53 – 14:27टालें
शुभ14:27 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:34टालें
उद्वेग17:34 – 19:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:08 – 20:34शुभ
अमृत20:34 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 00:53टालें
काल00:53 – 02:19टालें
लाभ02:19 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:11टालें
शुभ05:11 – 06:37शुभ

3 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 05:17, 4 सित॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 07:44, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:53, 4 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 01:19, 4 सित॰ तक
धृति 02:17, 5 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:04 तक
बव 05:17, 4 सित॰ तक
बालव 18:31, 4 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
19:08
चंद्रोदय
18:39
चंद्रास्त
05:54
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:18

अशुभ समय

राहुकाल
17:34 – 19:08
यमगंड
12:53 – 14:27
गुलिक काल
16:00 – 17:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3707:40दिन
शुक्र07:4008:42दिन
बुध08:4209:45दिन
चंद्र09:4510:48दिन
शनि10:4811:50दिन
गुरु11:5012:53दिन
मंगल12:5313:55दिन
सूर्य13:5514:58दिन
शुक्र14:5816:00दिन
बुध16:0017:03दिन
चंद्र17:0318:06दिन
शनि18:0619:08दिन
गुरु19:0820:06रात
मंगल20:0621:03रात
सूर्य21:0322:01रात
शुक्र22:0122:58रात
बुध22:5823:55रात
चंद्र23:5500:53रात
शनि00:5301:50रात
गुरु01:5002:48रात
मंगल02:4803:45रात
सूर्य03:4504:43रात
शुक्र04:4305:40रात
बुध05:4006:37रात

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।