16 सितंबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 16 सितंबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 सितंबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (10:51 तक), नक्षत्र आश्लेषा (21:10 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 09:44 से 11:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:56
रात 06:41 तक
तिथि
द्वादशी, 10:51 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 21:10 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:41 – 08:13टालें
शुभ08:13 – 09:44शुभ
रोग09:44 – 11:16टालें
उद्वेग11:16 – 12:48टालें
चर12:48 – 14:20सामान्य
लाभ14:20 – 15:52शुभ
अमृत15:52 – 17:24शुभ
काल17:24 – 18:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:56 – 20:24शुभ
उद्वेग20:24 – 21:52टालें
शुभ21:52 – 23:20शुभ
अमृत23:20 – 00:48शुभ
चर00:48 – 02:17सामान्य
रोग02:17 – 03:45टालें
काल03:45 – 05:13टालें
लाभ05:13 – 06:41शुभ

16 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 10:51 तक
कृष्ण त्रयोदशी 07:30, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 18:25, 17 सित॰ तक
योग
शिव 16:05 तक
सिद्ध 12:07, 17 सित॰ तक
करण
तैतिल 10:51 तक
गर 21:14 तक
वणिज 07:30, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 21:10 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
03:50
चंद्रास्त
17:02
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
09:44 – 11:16
यमगंड
14:20 – 15:52
गुलिक काल
06:41 – 08:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4107:42दिन
गुरु07:4208:43दिन
मंगल08:4309:44दिन
सूर्य09:4410:46दिन
शुक्र10:4611:47दिन
बुध11:4712:48दिन
चंद्र12:4813:49दिन
शनि13:4914:51दिन
गुरु14:5115:52दिन
मंगल15:5216:53दिन
सूर्य16:5317:54दिन
शुक्र17:5418:56दिन
बुध18:5619:54रात
चंद्र19:5420:53रात
शनि20:5321:52रात
गुरु21:5222:51रात
मंगल22:5123:50रात
सूर्य23:5000:48रात
शुक्र00:4801:47रात
बुध01:4702:46रात
चंद्र02:4603:45रात
शनि03:4504:43रात
गुरु04:4305:42रात
मंगल05:4206:41रात

अयनांश 24.2581° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।