26 जनवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:13 तक), नक्षत्र रोहिणी (14:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 11:43 से 13:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:39
रात 07:34 तक
तिथि
एकादशी, 17:13 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रोहिणी, 14:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:34 – 08:57सामान्य
लाभ08:57 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 11:43शुभ
काल11:43 – 13:06टालें
शुभ13:06 – 14:29शुभ
रोग14:29 – 15:52टालें
उद्वेग15:52 – 17:15टालें
चर17:15 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 20:15टालें
काल20:15 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:29शुभ
उद्वेग23:29 – 01:06टालें
शुभ01:06 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:57सामान्य
रोग05:57 – 07:34टालें

26 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:13 तक
शुक्ल द्वादशी 16:49, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:59 तक
मृगशिरा 15:15, 27 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 10:47 तक
इंद्र 09:27, 27 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:13 तक
बव 05:07, 27 जन॰ तक
बालव 16:49, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:13, 27 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
14:51
चंद्रास्त
03:54
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
11:43 – 13:06
यमगंड
15:52 – 17:15
गुलिक काल
08:57 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:3408:29दिन
बुध08:2909:25दिन
चंद्र09:2510:20दिन
शनि10:2011:16दिन
गुरु11:1612:11दिन
मंगल12:1113:06दिन
सूर्य13:0614:02दिन
शुक्र14:0214:57दिन
बुध14:5715:52दिन
चंद्र15:5216:48दिन
शनि16:4817:43दिन
गुरु17:4318:39दिन
मंगल18:3919:43रात
सूर्य19:4320:48रात
शुक्र20:4821:52रात
बुध21:5222:57रात
चंद्र22:5700:02रात
शनि00:0201:06रात
गुरु01:0602:11रात
मंगल02:1103:15रात
सूर्य03:1504:20रात
शुक्र04:2005:25रात
बुध05:2506:29रात
चंद्र06:2907:34रात

अयनांश 24.2631° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।