9 अप्रैल 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 9 अप्रैल 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 9 अप्रैल 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:39 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (15:41 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 08:13 से 09:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 19:12
रात 06:38 तक
तिथि
एकादशी, 17:39 तक
द्वादशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 15:41 तक
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:39 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:47टालें
शुभ09:47 – 11:21शुभ
रोग11:21 – 12:55टालें
उद्वेग12:55 – 14:29टालें
चर14:29 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:12 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:03टालें
काल22:03 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 00:55शुभ
उद्वेग00:55 – 02:21टालें
शुभ02:21 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:12शुभ
चर05:12 – 06:38सामान्य

9 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:39 तक
कृष्ण द्वादशी 19:51, 10 अप्रैल तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:24, 10 अप्रैल तक
योग
शुभ 23:51 तक
शुक्ल 00:35, 11 अप्रैल तक
करण
बालव 17:39 तक
कौलव 06:44, 10 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
03:44
चंद्रास्त
15:35
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:13 – 09:47
यमगंड
11:21 – 12:55
गुलिक काल
14:29 – 16:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3907:42दिन
शनि07:4208:44दिन
गुरु08:4409:47दिन
मंगल09:4710:50दिन
सूर्य10:5011:53दिन
शुक्र11:5312:55दिन
बुध12:5513:58दिन
चंद्र13:5815:01दिन
शनि15:0116:03दिन
गुरु16:0317:06दिन
मंगल17:0618:09दिन
सूर्य18:0919:12दिन
शुक्र19:1220:09रात
बुध20:0921:06रात
चंद्र21:0622:03रात
शनि22:0323:00रात
गुरु23:0023:58रात
मंगल23:5800:55रात
सूर्य00:5501:52रात
शुक्र01:5202:49रात
बुध02:4903:47रात
चंद्र03:4704:44रात
शनि04:4405:41रात
गुरु05:4106:38रात

अयनांश 24.2659° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।