28 अप्रैल 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 28 अप्रैल 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 अप्रैल 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (16:06 तक), नक्षत्र स्वाति (01:21, 29 अप्रैल तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 09:37 से 11:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 19:19
रात 06:23 तक
तिथि
पूर्णिमा, 16:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
स्वाति, 01:21 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:24 – 08:01टालें
शुभ08:01 – 09:37शुभ
रोग09:37 – 11:14टालें
उद्वेग11:14 – 12:51टालें
चर12:51 – 14:28सामान्य
लाभ14:28 – 16:05शुभ
अमृत16:05 – 17:42शुभ
काल17:42 – 19:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:19 – 20:42शुभ
उद्वेग20:42 – 22:05टालें
शुभ22:05 – 23:28शुभ
अमृत23:28 – 00:51शुभ
चर00:51 – 02:14सामान्य
रोग02:14 – 03:37टालें
काल03:37 – 05:00टालें
लाभ05:00 – 06:23शुभ

28 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 16:06 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:28, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 01:21, 29 अप्रैल तक
विशाखा 22:40, 29 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 23:34 तक
व्यतीपातअशुभ 19:33, 29 अप्रैल तक
करण
बव 16:06 तक
बालव 02:15, 29 अप्रैल तक
कौलव 12:28, 29 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
19:26
चंद्रास्त
05:53
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
09:37 – 11:14
यमगंड
14:28 – 16:05
गुलिक काल
06:24 – 08:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2407:28दिन
गुरु07:2808:33दिन
मंगल08:3309:37दिन
सूर्य09:3710:42दिन
शुक्र10:4211:47दिन
बुध11:4712:51दिन
चंद्र12:5113:56दिन
शनि13:5615:00दिन
गुरु15:0016:05दिन
मंगल16:0517:10दिन
सूर्य17:1018:14दिन
शुक्र18:1419:19दिन
बुध19:1920:14रात
चंद्र20:1421:10रात
शनि21:1022:05रात
गुरु22:0523:00रात
मंगल23:0023:56रात
सूर्य23:5600:51रात
शुक्र00:5101:46रात
बुध01:4602:42रात
चंद्र02:4203:37रात
शनि03:3704:32रात
गुरु04:3205:28रात
मंगल05:2806:23रात

अयनांश 24.2667° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।