5 सितंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

बुधवार, 5 सितंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 सितंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:31 तक), नक्षत्र पुष्य (05:34, 6 सित॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 19:07
रात 06:38 तक
तिथि
द्वादशी, 23:31 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 05:34 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:38 – 08:11शुभ
अमृत08:11 – 09:45शुभ
काल09:45 – 11:18टालें
शुभ11:18 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:26टालें
उद्वेग14:26 – 15:59टालें
चर15:59 – 17:33सामान्य
लाभ17:33 – 19:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:07 – 20:33टालें
शुभ20:33 – 21:59शुभ
अमृत21:59 – 23:26शुभ
चर23:26 – 00:52सामान्य
रोग00:52 – 02:19टालें
काल02:19 – 03:45टालें
लाभ03:45 – 05:12शुभ
उद्वेग05:12 – 06:38टालें

5 सितंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:31 तक
कृष्ण त्रयोदशी 21:41, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:34, 6 सित॰ तक
आश्लेषा 04:18, 7 सित॰ तक
योग
वरीयान 19:40 तक
परिघअशुभ 17:12, 6 सित॰ तक
करण
कौलव 12:10 तक
तैतिल 23:31 तक
गर 10:41, 6 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
03:15
चंद्रास्त
16:43
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:17 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:26
यमगंड
08:11 – 09:45
गुलिक काल
11:18 – 12:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3807:40दिन
चंद्र07:4008:42दिन
शनि08:4209:45दिन
गुरु09:4510:47दिन
मंगल10:4711:50दिन
सूर्य11:5012:52दिन
शुक्र12:5213:55दिन
बुध13:5514:57दिन
चंद्र14:5715:59दिन
शनि15:5917:02दिन
गुरु17:0218:04दिन
मंगल18:0419:07दिन
सूर्य19:0720:04रात
शुक्र20:0421:02रात
बुध21:0221:59रात
चंद्र21:5922:57रात
शनि22:5723:55रात
गुरु23:5500:52रात
मंगल00:5201:50रात
सूर्य01:5002:47रात
शुक्र02:4703:45रात
बुध03:4504:43रात
चंद्र04:4305:40रात
शनि05:4006:38रात

अयनांश 24.2716° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।