13 नवंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 13 नवंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 नवंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (18:25 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (01:08, 14 नव॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 15:24 से 16:48 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 18:11
रात 07:05 तक
तिथि
अष्टमी, 18:25 तक
नवमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 01:08 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:05 – 08:28टालें
उद्वेग08:28 – 09:51टालें
चर09:51 – 11:15सामान्य
लाभ11:15 – 12:38शुभ
अमृत12:38 – 14:01शुभ
काल14:01 – 15:24टालें
शुभ15:24 – 16:48शुभ
रोग16:48 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:11 – 19:48टालें
लाभ19:48 – 21:25शुभ
उद्वेग21:25 – 23:01टालें
शुभ23:01 – 00:38शुभ
अमृत00:38 – 02:15शुभ
चर02:15 – 03:52सामान्य
रोग03:52 – 05:28टालें
काल05:28 – 07:05टालें

13 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 18:25 तक
शुक्ल नवमी 19:35, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:08, 14 नव॰ तक
शतभिषा 03:00, 15 नव॰ तक
योग
वृद्धि 12:00 तक
ध्रुव 11:38, 14 नव॰ तक
करण
बव 18:25 तक
बालव 06:56, 14 नव॰ तक
कौलव 19:35, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 12:25 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
13:20
चंद्रास्त
00:21
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
15:24 – 16:48
यमगंड
09:51 – 11:15
गुलिक काल
12:38 – 14:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0508:00दिन
सूर्य08:0008:56दिन
शुक्र08:5609:51दिन
बुध09:5110:47दिन
चंद्र10:4711:42दिन
शनि11:4212:38दिन
गुरु12:3813:33दिन
मंगल13:3314:29दिन
सूर्य14:2915:24दिन
शुक्र15:2416:20दिन
बुध16:2017:15दिन
चंद्र17:1518:11दिन
शनि18:1119:16रात
गुरु19:1620:20रात
मंगल20:2021:25रात
सूर्य21:2522:29रात
शुक्र22:2923:34रात
बुध23:3400:38रात
चंद्र00:3801:43रात
शनि01:4302:47रात
गुरु02:4703:52रात
मंगल03:5204:56रात
सूर्य04:5606:01रात
शुक्र06:0107:05रात

अयनांश 24.2743° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।