26 नवंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 26 नवंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 नवंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:54 तक), नक्षत्र पुष्य (05:55, 27 नव॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 08:35 से 09:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 18:09
रात 07:14 तक
तिथि
पंचमी, 17:54 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुष्य, 05:55 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:13 – 08:35शुभ
काल08:35 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:09 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:25टालें
काल21:25 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:41शुभ
उद्वेग00:41 – 02:19टालें
शुभ02:19 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:36शुभ
चर05:36 – 07:14सामान्य

26 नवंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:54 तक
कृष्ण षष्ठी 18:09, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:55, 27 नव॰ तक
आश्लेषा 06:26, 28 नव॰ तक
योग
शुक्ल 17:01 तक
ब्रह्म 16:04, 27 नव॰ तक
करण
तैतिल 17:54 तक
गर 06:06, 27 नव॰ तक
वणिज 18:09, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
22:39
चंद्रास्त
11:10
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 09:57
यमगंड
11:19 – 12:41
गुलिक काल
14:03 – 15:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1308:08दिन
शनि08:0809:02दिन
गुरु09:0209:57दिन
मंगल09:5710:52दिन
सूर्य10:5211:46दिन
शुक्र11:4612:41दिन
बुध12:4113:35दिन
चंद्र13:3514:30दिन
शनि14:3015:25दिन
गुरु15:2516:19दिन
मंगल16:1917:14दिन
सूर्य17:1418:09दिन
शुक्र18:0919:14रात
बुध19:1420:20रात
चंद्र20:2021:25रात
शनि21:2522:30रात
गुरु22:3023:36रात
मंगल23:3600:41रात
सूर्य00:4101:47रात
शुक्र01:4702:52रात
बुध02:5203:57रात
चंद्र03:5705:03रात
शनि05:0306:08रात
गुरु06:0807:14रात

अयनांश 24.2748° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।