5 मई 2025 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 5 मई 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 मई 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:36 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:01 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:32
रात 05:58 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:01 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:07टालें
शुभ09:07 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:24सामान्य
लाभ15:24 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:32 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:24टालें
काल21:24 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:41टालें
शुभ01:41 – 03:07शुभ
अमृत03:07 – 04:32शुभ
चर04:32 – 05:58सामान्य

5 मई 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:36 तक
शुक्ल नवमी 08:39, 6 मई तक
नक्षत्र
मघा 15:52, 6 मई तक
योग
वृद्धि 00:19, 6 मई तक
ध्रुव 00:29, 7 मई तक
करण
बव 07:36 तक
बालव 20:02 तक
कौलव 08:39, 6 मई तक
चंद्र राशि
कर्क 14:01 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
13:00
चंद्रास्त
01:05
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:07
यमगंड
10:41 – 12:15
गुलिक काल
13:50 – 15:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5807:01दिन
शनि07:0108:04दिन
गुरु08:0409:07दिन
मंगल09:0710:10दिन
सूर्य10:1011:13दिन
शुक्र11:1312:15दिन
बुध12:1513:18दिन
चंद्र13:1814:21दिन
शनि14:2115:24दिन
गुरु15:2416:27दिन
मंगल16:2717:30दिन
सूर्य17:3018:32दिन
शुक्र18:3219:29रात
बुध19:2920:27रात
चंद्र20:2721:24रात
शनि21:2422:21रात
गुरु22:2123:18रात
मंगल23:1800:15रात
सूर्य00:1501:12रात
शुक्र01:1202:09रात
बुध02:0903:07रात
चंद्र03:0704:04रात
शनि04:0405:01रात
गुरु05:0105:58रात

अयनांश 24.2110° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।