11 नवंबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 11 नवंबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 नवंबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (23:09 तक), नक्षत्र पुष्य (18:18 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 14:57 से 16:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 17:52
रात 06:14 तक
तिथि
सप्तमी, 23:09 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 18:18 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:13 – 07:41टालें
उद्वेग07:41 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 12:03शुभ
अमृत12:03 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:24शुभ
रोग16:24 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:52 – 19:24टालें
लाभ19:24 – 20:57शुभ
उद्वेग20:57 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:03शुभ
अमृत00:03 – 01:35शुभ
चर01:35 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:41टालें
काल04:41 – 06:14टालें

11 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 23:09 तक
कृष्ण अष्टमी 22:58, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:18 तक
आश्लेषा 18:35, 12 नव॰ तक
योग
शुभ 09:44 तक
शुक्ल 08:02, 12 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:32 तक
बव 23:09 तक
बालव 10:58, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
23:47
चंद्रास्त
11:56
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:57 – 16:24
यमगंड
09:08 – 10:35
गुलिक काल
12:03 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1307:12दिन
सूर्य07:1208:10दिन
शुक्र08:1009:08दिन
बुध09:0810:06दिन
चंद्र10:0611:04दिन
शनि11:0412:03दिन
गुरु12:0313:01दिन
मंगल13:0113:59दिन
सूर्य13:5914:57दिन
शुक्र14:5715:55दिन
बुध15:5516:53दिन
चंद्र16:5317:52दिन
शनि17:5218:53रात
गुरु18:5319:55रात
मंगल19:5520:57रात
सूर्य20:5721:59रात
शुक्र21:5923:01रात
बुध23:0100:03रात
चंद्र00:0301:05रात
शनि01:0502:06रात
गुरु02:0603:08रात
मंगल03:0804:10रात
सूर्य04:1005:12रात
शुक्र05:1206:14रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।