5 फ़रवरी 2026 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (00:22, 6 फ़र॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (22:57 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 14:00 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:23
रात 06:42 तक
तिथि
चतुर्थी, 00:22 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 22:57 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:42 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:37टालें
उद्वेग09:37 – 11:05टालें
चर11:05 – 12:33सामान्य
लाभ12:33 – 14:00शुभ
अमृत14:00 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:55टालें
शुभ16:55 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:23 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:28सामान्य
रोग21:28 – 23:00टालें
काल23:00 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:37टालें
शुभ03:37 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:42शुभ

5 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 00:22, 6 फ़र॰ तक
कृष्ण पंचमी 01:19, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 00:24, 7 फ़र॰ तक
योग
सुकर्मा 00:04, 6 फ़र॰ तक
धृति 23:37, 6 फ़र॰ तक
करण
बव 12:10 तक
बालव 00:22, 6 फ़र॰ तक
कौलव 12:45, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
21:28
चंद्रास्त
09:02
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:00 – 15:28
यमगंड
06:42 – 08:10
गुलिक काल
09:37 – 11:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4207:41दिन
मंगल07:4108:39दिन
सूर्य08:3909:37दिन
शुक्र09:3710:36दिन
बुध10:3611:34दिन
चंद्र11:3412:33दिन
शनि12:3313:31दिन
गुरु13:3114:29दिन
मंगल14:2915:28दिन
सूर्य15:2816:26दिन
शुक्र16:2617:25दिन
बुध17:2518:23दिन
चंद्र18:2319:25रात
शनि19:2520:26रात
गुरु20:2621:28रात
मंगल21:2822:29रात
सूर्य22:2923:31रात
शुक्र23:3100:32रात
बुध00:3201:34रात
चंद्र01:3402:36रात
शनि02:3603:37रात
गुरु03:3704:39रात
मंगल04:3905:40रात
सूर्य05:4006:42रात

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।