6 फ़रवरी 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:19, 7 फ़र॰ तक), नक्षत्र हस्त (00:24, 7 फ़र॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:23
रात 06:42 तक
तिथि
पंचमी, 01:19 तक
षष्ठी
नक्षत्र
हस्त, 00:24 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:42 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:33टालें
शुभ12:33 – 14:00शुभ
रोग14:00 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 16:56टालें
चर16:56 – 18:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:23 – 19:56टालें
काल19:56 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 23:00शुभ
उद्वेग23:00 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:09सामान्य
रोग05:09 – 06:42टालें

6 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:19, 7 फ़र॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:54, 8 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 00:24, 7 फ़र॰ तक
चित्रा 02:28, 8 फ़र॰ तक
योग
धृति 23:37 तक
शूलअशुभ 23:40, 7 फ़र॰ तक
करण
कौलव 12:45 तक
तैतिल 01:19, 7 फ़र॰ तक
गर 14:02, 7 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
09:40
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:33
यमगंड
15:28 – 16:56
गुलिक काल
08:10 – 09:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4207:40दिन
बुध07:4008:39दिन
चंद्र08:3909:37दिन
शनि09:3710:36दिन
गुरु10:3611:34दिन
मंगल11:3412:33दिन
सूर्य12:3313:31दिन
शुक्र13:3114:30दिन
बुध14:3015:28दिन
चंद्र15:2816:26दिन
शनि16:2617:25दिन
गुरु17:2518:23दिन
मंगल18:2319:25रात
सूर्य19:2520:26रात
शुक्र20:2621:28रात
बुध21:2822:30रात
चंद्र22:3023:31रात
शनि23:3100:33रात
गुरु00:3301:34रात
मंगल01:3402:36रात
सूर्य02:3603:37रात
शुक्र03:3704:39रात
बुध04:3905:40रात
चंद्र05:4006:42रात

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।