25 दिसंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (23:26 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (22:50 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 10:53 से 12:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:02
रात 06:35 तक
तिथि
द्वितीया, 23:26 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 22:50 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:35 – 08:01सामान्य
लाभ08:01 – 09:27शुभ
अमृत09:27 – 10:53शुभ
काल10:53 – 12:19टालें
शुभ12:19 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:36टालें
चर16:36 – 18:02सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:02 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:19टालें
शुभ00:19 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:27शुभ
चर03:27 – 05:01सामान्य
रोग05:01 – 06:35टालें

25 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 23:26 तक
कृष्ण तृतीया 20:05, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:13, 26 दिस॰ तक
योग
ब्रह्म 08:28 तक
इंद्र 04:16, 26 दिस॰ तक
वैधृतिअशुभ 00:22, 27 दिस॰ तक
करण
तैतिल 13:15 तक
गर 23:26 तक
वणिज 09:42, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 17:33 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
19:35
चंद्रास्त
07:45
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
10:53 – 12:19
यमगंड
15:10 – 16:36
गुलिक काल
08:01 – 09:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3507:32दिन
बुध07:3208:29दिन
चंद्र08:2909:27दिन
शनि09:2710:24दिन
गुरु10:2411:21दिन
मंगल11:2112:19दिन
सूर्य12:1913:16दिन
शुक्र13:1614:13दिन
बुध14:1315:10दिन
चंद्र15:1016:08दिन
शनि16:0817:05दिन
गुरु17:0518:02दिन
मंगल18:0219:05रात
सूर्य19:0520:08रात
शुक्र20:0821:11रात
बुध21:1122:13रात
चंद्र22:1323:16रात
शनि23:1600:19रात
गुरु00:1901:21रात
मंगल01:2102:24रात
सूर्य02:2403:27रात
शुक्र03:2704:30रात
बुध04:3005:32रात
चंद्र05:3206:35रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।