26 दिसंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 26 दिसंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 दिसंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:05 तक), नक्षत्र पुष्य (20:13 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 09:27 से 10:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:03
रात 06:36 तक
तिथि
तृतीया, 20:05 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 20:13 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:35 – 08:01टालें
शुभ08:01 – 09:27शुभ
रोग09:27 – 10:53टालें
उद्वेग10:53 – 12:19टालें
चर12:19 – 13:45सामान्य
लाभ13:45 – 15:11शुभ
अमृत15:11 – 16:37शुभ
काल16:37 – 18:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:03 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:11टालें
शुभ21:11 – 22:45शुभ
अमृत22:45 – 00:19शुभ
चर00:19 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:27टालें
काल03:27 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:36शुभ

26 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:05 तक
कृष्ण चतुर्थी 17:13, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:13 तक
आश्लेषा 18:04, 27 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 00:22, 27 दिस॰ तक
विष्कंभअशुभ 20:53, 27 दिस॰ तक
करण
वणिज 09:42 तक
विष्टि (भद्रा) 20:05 तक
बव 06:35, 27 दिस॰ तक
बालव 17:13, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
20:39
चंद्रास्त
08:43
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:27 – 10:53
यमगंड
13:45 – 15:11
गुलिक काल
06:35 – 08:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3507:32दिन
गुरु07:3208:30दिन
मंगल08:3009:27दिन
सूर्य09:2710:24दिन
शुक्र10:2411:22दिन
बुध11:2212:19दिन
चंद्र12:1913:16दिन
शनि13:1614:14दिन
गुरु14:1415:11दिन
मंगल15:1116:08दिन
सूर्य16:0817:06दिन
शुक्र17:0618:03दिन
बुध18:0319:06रात
चंद्र19:0620:08रात
शनि20:0821:11रात
गुरु21:1122:14रात
मंगल22:1423:17रात
सूर्य23:1700:19रात
शुक्र00:1901:22रात
बुध01:2202:25रात
चंद्र02:2503:27रात
शनि03:2704:30रात
गुरु04:3005:33रात
मंगल05:3306:36रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।