27 मार्च 2027 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 27 मार्च 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 मार्च 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (13:33 तक), नक्षत्र अनुराधा (22:15 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 09:21 से 10:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:30
रात 06:18 तक
तिथि
पंचमी, 13:33 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 22:15 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:19 – 07:50टालें
शुभ07:50 – 09:21शुभ
रोग09:21 – 10:53टालें
उद्वेग10:53 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 16:58शुभ
काल16:58 – 18:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:30 – 19:58शुभ
उद्वेग19:58 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 22:55शुभ
अमृत22:55 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:21टालें
काल03:21 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:18शुभ

27 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 13:33 तक
कृष्ण षष्ठी 15:05, 28 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:32, 29 मार्च तक
योग
सिद्धि 05:42, 28 मार्च तक
व्यतीपातअशुभ 06:07, 29 मार्च तक
करण
तैतिल 13:33 तक
गर 02:14, 28 मार्च तक
वणिज 15:05, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
22:59
चंद्रास्त
09:44
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:21 – 10:53
यमगंड
13:55 – 15:27
गुलिक काल
06:19 – 07:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1907:20दिन
गुरु07:2008:21दिन
मंगल08:2109:21दिन
सूर्य09:2110:22दिन
शुक्र10:2211:23दिन
बुध11:2312:24दिन
चंद्र12:2413:25दिन
शनि13:2514:26दिन
गुरु14:2615:27दिन
मंगल15:2716:28दिन
सूर्य16:2817:29दिन
शुक्र17:2918:30दिन
बुध18:3019:29रात
चंद्र19:2920:28रात
शनि20:2821:27रात
गुरु21:2722:26रात
मंगल22:2623:25रात
सूर्य23:2500:24रात
शुक्र00:2401:23रात
बुध01:2302:22रात
चंद्र02:2203:21रात
शनि03:2104:20रात
गुरु04:2005:19रात
मंगल05:1906:18रात

अयनांश 24.2375° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।