15 अप्रैल 2027 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 15 अप्रैल 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (13:21 तक), नक्षत्र पुष्य (09:33 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:30
रात 06:07 तक
तिथि
नवमी, 13:21 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 09:33 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:08 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:46टालें
चर10:46 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:30 – 19:57शुभ
चर19:57 – 21:24सामान्य
रोग21:24 – 22:51टालें
काल22:51 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:46शुभ
उद्वेग01:46 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:07शुभ

15 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 13:21 तक
शुक्ल दशमी 11:22, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 09:33 तक
आश्लेषा 08:18, 16 अप्रैल तक
योग
धृति 08:23 तक
शूलअशुभ 05:38, 16 अप्रैल तक
गंडअशुभ 02:58, 17 अप्रैल तक
करण
कौलव 13:21 तक
तैतिल 00:21, 16 अप्रैल तक
गर 11:22, 16 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
13:35
चंद्रास्त
01:39
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:24
यमगंड
06:08 – 07:40
गुलिक काल
09:13 – 10:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0807:09दिन
मंगल07:0908:11दिन
सूर्य08:1109:13दिन
शुक्र09:1310:15दिन
बुध10:1511:17दिन
चंद्र11:1712:19दिन
शनि12:1913:21दिन
गुरु13:2114:23दिन
मंगल14:2315:24दिन
सूर्य15:2416:26दिन
शुक्र16:2617:28दिन
बुध17:2818:30दिन
चंद्र18:3019:28रात
शनि19:2820:26रात
गुरु20:2621:24रात
मंगल21:2422:22रात
सूर्य22:2223:20रात
शुक्र23:2000:19रात
बुध00:1901:17रात
चंद्र01:1702:15रात
शनि02:1503:13रात
गुरु03:1304:11रात
मंगल04:1105:09रात
सूर्य05:0906:07रात

अयनांश 24.2382° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।