21 अप्रैल 2027 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 21 अप्रैल 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 अप्रैल 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (03:30, 22 अप्रैल तक), नक्षत्र स्वाति (04:44, 22 अप्रैल तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:30
रात 06:04 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 04:44 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:04 – 07:38शुभ
अमृत07:38 – 09:11शुभ
काल09:11 – 10:44टालें
शुभ10:44 – 12:17शुभ
रोग12:17 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:24टालें
चर15:24 – 16:57सामान्य
लाभ16:57 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:30 – 19:57टालें
शुभ19:57 – 21:24शुभ
अमृत21:24 – 22:51शुभ
चर22:51 – 00:17सामान्य
रोग00:17 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:11टालें
लाभ03:11 – 04:37शुभ
उद्वेग04:37 – 06:04टालें

21 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 03:30, 22 अप्रैल तक
कृष्ण द्वितीया 03:37, 23 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 04:44, 22 अप्रैल तक
विशाखा 05:32, 23 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 16:10 तक
सिद्धि 14:57, 22 अप्रैल तक
करण
बालव 15:40 तक
कौलव 03:30, 22 अप्रैल तक
तैतिल 15:29, 22 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
18:57
चंद्रास्त
06:00
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:51
यमगंड
07:38 – 09:11
गुलिक काल
10:44 – 12:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0407:07दिन
चंद्र07:0708:09दिन
शनि08:0909:11दिन
गुरु09:1110:13दिन
मंगल10:1311:15दिन
सूर्य11:1512:17दिन
शुक्र12:1713:20दिन
बुध13:2014:22दिन
चंद्र14:2215:24दिन
शनि15:2416:26दिन
गुरु16:2617:28दिन
मंगल17:2818:30दिन
सूर्य18:3019:28रात
शुक्र19:2820:26रात
बुध20:2621:24रात
चंद्र21:2422:22रात
शनि22:2223:19रात
गुरु23:1900:17रात
मंगल00:1701:15रात
सूर्य01:1502:13रात
शुक्र02:1303:11रात
बुध03:1104:08रात
चंद्र04:0805:06रात
शनि05:0606:04रात

अयनांश 24.2384° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।