5 सितंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

रविवार, 5 सितंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 सितंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (11:17 तक), नक्षत्र स्वाति (14:30 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 16:54 से 18:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:26
रात 06:08 तक
तिथि
पंचमी, 11:17 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 14:30 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:09 – 07:41टालें
चर07:41 – 09:13सामान्य
लाभ09:13 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:54टालें
उद्वेग16:54 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:26 – 19:54शुभ
अमृत19:54 – 21:22शुभ
चर21:22 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:17टालें
काल00:17 – 01:45टालें
लाभ01:45 – 03:13शुभ
उद्वेग03:13 – 04:41टालें
शुभ04:41 – 06:08शुभ

5 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 11:17 तक
शुक्ल षष्ठी 10:58, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 14:30 तक
विशाखा 14:59, 6 सित॰ तक
योग
इंद्र 04:37, 6 सित॰ तक
वैधृतिअशुभ 03:48, 7 सित॰ तक
करण
बालव 11:17 तक
कौलव 23:01 तक
तैतिल 10:58, 6 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
10:11
चंद्रास्त
21:58
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:54 – 18:26
यमगंड
12:17 – 13:50
गुलिक काल
15:22 – 16:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0907:10दिन
शुक्र07:1008:11दिन
बुध08:1109:13दिन
चंद्र09:1310:14दिन
शनि10:1411:16दिन
गुरु11:1612:17दिन
मंगल12:1713:19दिन
सूर्य13:1914:20दिन
शुक्र14:2015:22दिन
बुध15:2216:23दिन
चंद्र16:2317:25दिन
शनि17:2518:26दिन
गुरु18:2619:25रात
मंगल19:2520:23रात
सूर्य20:2321:22रात
शुक्र21:2222:20रात
बुध22:2023:19रात
चंद्र23:1900:17रात
शनि00:1701:16रात
गुरु01:1602:14रात
मंगल02:1403:13रात
सूर्य03:1304:11रात
शुक्र04:1105:10रात
बुध05:1006:08रात

अयनांश 24.2437° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।