1 दिसंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 1 दिसंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 दिसंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (11:39 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:45 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:53
रात 06:23 तक
तिथि
तृतीया, 11:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:45 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:22 – 07:48शुभ
अमृत07:48 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:34टालें
उद्वेग13:34 – 15:00टालें
चर15:00 – 16:26सामान्य
लाभ16:26 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:53 – 19:26टालें
शुभ19:26 – 21:00शुभ
अमृत21:00 – 22:34शुभ
चर22:34 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 01:41टालें
काल01:41 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:49शुभ
उद्वेग04:49 – 06:23टालें

1 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 11:39 तक
शुक्ल चतुर्थी 13:44, 2 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:30, 3 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 02:41, 2 दिस॰ तक
वृद्धि 03:22, 3 दिस॰ तक
करण
गर 11:39 तक
वणिज 00:38, 2 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:44, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
09:00
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:34
यमगंड
07:48 – 09:15
गुलिक काल
10:41 – 12:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2207:20दिन
चंद्र07:2008:17दिन
शनि08:1709:15दिन
गुरु09:1510:12दिन
मंगल10:1211:10दिन
सूर्य11:1012:07दिन
शुक्र12:0713:05दिन
बुध13:0514:03दिन
चंद्र14:0315:00दिन
शनि15:0015:58दिन
गुरु15:5816:55दिन
मंगल16:5517:53दिन
सूर्य17:5318:55रात
शुक्र18:5519:58रात
बुध19:5821:00रात
चंद्र21:0022:03रात
शनि22:0323:05रात
गुरु23:0500:08रात
मंगल00:0801:10रात
सूर्य01:1002:13रात
शुक्र02:1303:15रात
बुध03:1504:18रात
चंद्र04:1805:20रात
शनि05:2006:23रात

अयनांश 24.2470° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।