2 दिसंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 2 दिसंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (13:44 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (02:30, 3 दिस॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 13:34 से 15:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:53
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 13:44 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 02:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:23 – 07:49शुभ
रोग07:49 – 09:15टालें
उद्वेग09:15 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:34शुभ
अमृत13:34 – 15:00शुभ
काल15:00 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:53 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:01सामान्य
रोग21:01 – 22:34टालें
काल22:34 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:16टालें
शुभ03:16 – 04:49शुभ
अमृत04:49 – 06:23शुभ

2 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 13:44 तक
शुक्ल पंचमी 16:13, 3 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:30, 3 दिस॰ तक
श्रवण 05:33, 4 दिस॰ तक
योग
वृद्धि 03:22, 3 दिस॰ तक
ध्रुव 04:17, 4 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:44 तक
बव 02:56, 3 दिस॰ तक
बालव 16:13, 3 दिस॰ तक
चंद्र राशि
धनु 06:24 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
09:46
चंद्रास्त
21:33
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:34 – 15:00
यमगंड
06:23 – 07:49
गुलिक काल
09:15 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2307:20दिन
मंगल07:2008:18दिन
सूर्य08:1809:15दिन
शुक्र09:1510:13दिन
बुध10:1311:10दिन
चंद्र11:1012:08दिन
शनि12:0813:05दिन
गुरु13:0514:03दिन
मंगल14:0315:00दिन
सूर्य15:0015:58दिन
शुक्र15:5816:55दिन
बुध16:5517:53दिन
चंद्र17:5318:56रात
शनि18:5619:58रात
गुरु19:5821:01रात
मंगल21:0122:03रात
सूर्य22:0323:06रात
शुक्र23:0600:08रात
बुध00:0801:11रात
चंद्र01:1102:13रात
शनि02:1303:16रात
गुरु03:1604:18रात
मंगल04:1805:21रात
सूर्य05:2106:23रात

अयनांश 24.2470° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।