25 दिसंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 25 दिसंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 दिसंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:32 तक), नक्षत्र अनुराधा (01:49, 26 दिस॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 09:26 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:02
रात 06:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:32 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अनुराधा, 01:49 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:34 – 08:00टालें
शुभ08:00 – 09:26शुभ
रोग09:26 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:18टालें
चर12:18 – 13:44सामान्य
लाभ13:44 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:36शुभ
काल16:36 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:02 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:45शुभ
अमृत22:45 – 00:19शुभ
चर00:19 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:27टालें
काल03:27 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:35शुभ

25 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:32 तक
कृष्ण चतुर्दशी 00:23, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 01:49, 26 दिस॰ तक
ज्येष्ठा 03:14, 27 दिस॰ तक
योग
धृति 09:12 तक
शूलअशुभ 08:27, 26 दिस॰ तक
करण
गर 11:17 तक
वणिज 23:32 तक
विष्टि (भद्रा) 11:54, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
04:12
चंद्रास्त
15:53
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
09:26 – 10:52
यमगंड
13:44 – 15:10
गुलिक काल
06:34 – 08:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3407:32दिन
गुरु07:3208:29दिन
मंगल08:2909:26दिन
सूर्य09:2610:24दिन
शुक्र10:2411:21दिन
बुध11:2112:18दिन
चंद्र12:1813:16दिन
शनि13:1614:13दिन
गुरु14:1315:10दिन
मंगल15:1016:08दिन
सूर्य16:0817:05दिन
शुक्र17:0518:02दिन
बुध18:0219:05रात
चंद्र19:0520:08रात
शनि20:0821:10रात
गुरु21:1022:13रात
मंगल22:1323:16रात
सूर्य23:1600:19रात
शुक्र00:1901:21रात
बुध01:2102:24रात
चंद्र02:2403:27रात
शनि03:2704:30रात
गुरु04:3005:32रात
मंगल05:3206:35रात

अयनांश 24.2479° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।