19 अगस्त 2028 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 19 अगस्त 2028, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 19 अगस्त 2028 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:47 तक), नक्षत्र पुष्य (13:02 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:36
रात 06:08 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:47 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पुष्य, 13:02 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:49टालें
उद्वेग10:49 – 12:22टालें
चर12:22 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:29शुभ
अमृत15:29 – 17:02शुभ
काल17:02 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:36 – 20:02शुभ
उद्वेग20:02 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 22:55शुभ
अमृत22:55 – 00:22शुभ
चर00:22 – 01:49सामान्य
रोग01:49 – 03:15टालें
काल03:15 – 04:42टालें
लाभ04:42 – 06:08शुभ

19 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:47 तक
अमावस्या 16:13, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:02 तक
आश्लेषा 10:23, 20 अग॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 09:07 तक
वरीयान 05:14, 20 अग॰ तक
परिघअशुभ 01:07, 21 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:27 तक
शकुनि 19:47 तक
चतुष्पद 06:02, 20 अग॰ तक
नाग 16:13, 20 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
04:45
चंद्रास्त
17:39
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:49
यमगंड
13:55 – 15:29
गुलिक काल
06:08 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:11दिन
गुरु07:1108:13दिन
मंगल08:1309:15दिन
सूर्य09:1510:18दिन
शुक्र10:1811:20दिन
बुध11:2012:22दिन
चंद्र12:2213:24दिन
शनि13:2414:27दिन
गुरु14:2715:29दिन
मंगल15:2916:31दिन
सूर्य16:3117:33दिन
शुक्र17:3318:36दिन
बुध18:3619:33रात
चंद्र19:3320:31रात
शनि20:3121:29रात
गुरु21:2922:27रात
मंगल22:2723:24रात
सूर्य23:2400:22रात
शुक्र00:2201:20रात
बुध01:2002:18रात
चंद्र02:1803:15रात
शनि03:1504:13रात
गुरु04:1305:11रात
मंगल05:1106:08रात

अयनांश 24.2570° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।