10 सितंबर 2029 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 10 सितंबर 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 सितंबर 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (09:32 तक), नक्षत्र हस्त (18:56 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 07:40 से 09:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:23
रात 06:08 तक
तिथि
द्वितीया, 09:32 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 18:56 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:08 – 07:40शुभ
काल07:40 – 09:12टालें
शुभ09:12 – 10:44शुभ
रोग10:44 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:47टालें
चर13:47 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:51शुभ
अमृत16:51 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:51सामान्य
रोग19:51 – 21:19टालें
काल21:19 – 22:47टालें
लाभ22:47 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:44टालें
शुभ01:44 – 03:12शुभ
अमृत03:12 – 04:40शुभ
चर04:40 – 06:08सामान्य

10 सितंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 09:32 तक
शुक्ल तृतीया 06:09, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:56 तक
चित्रा 16:25, 11 सित॰ तक
योग
शुक्ल 23:11 तक
ब्रह्म 19:23, 11 सित॰ तक
करण
कौलव 09:32 तक
तैतिल 19:50 तक
गर 06:09, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 05:39, 11 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
07:40
चंद्रास्त
19:48
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:40 – 09:12
यमगंड
10:44 – 12:15
गुलिक काल
13:47 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0807:09दिन
शनि07:0908:11दिन
गुरु08:1109:12दिन
मंगल09:1210:13दिन
सूर्य10:1311:14दिन
शुक्र11:1412:15दिन
बुध12:1513:17दिन
चंद्र13:1714:18दिन
शनि14:1815:19दिन
गुरु15:1916:20दिन
मंगल16:2017:21दिन
सूर्य17:2118:23दिन
शुक्र18:2319:21रात
बुध19:2120:20रात
चंद्र20:2021:19रात
शनि21:1922:18रात
गुरु22:1823:17रात
मंगल23:1700:15रात
सूर्य00:1501:14रात
शुक्र01:1402:13रात
बुध02:1303:12रात
चंद्र03:1204:11रात
शनि04:1105:09रात
गुरु05:0906:08रात

अयनांश 24.2718° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।