4 अक्टूबर 2027 को ग़ाज़ियाबाद का चौघड़िया

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027, ग़ाज़ियाबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 को ग़ाज़ियाबाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (01:36, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (00:44, 5 अक्टू॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 07:43 से 09:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:03
रात 06:15 तक
तिथि
पंचमी, 01:36 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:44 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:14 – 07:43शुभ
काल07:43 – 09:11टालें
शुभ09:11 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:08टालें
उद्वेग12:08 – 13:37टालें
चर13:37 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 18:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:03 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:37टालें
लाभ22:37 – 00:09शुभ
उद्वेग00:09 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:12शुभ
अमृत03:12 – 04:43शुभ
चर04:43 – 06:15सामान्य

4 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 01:36, 5 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 02:33, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:44, 5 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 02:15, 6 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 12:25 तक
आयुष्मान 11:43, 5 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:26 तक
बालव 01:36, 5 अक्टू॰ तक
कौलव 13:59, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
10:31
चंद्रास्त
20:50
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
07:43 – 09:11
यमगंड
10:40 – 12:08
गुलिक काल
13:37 – 15:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1407:13दिन
शनि07:1308:12दिन
गुरु08:1209:11दिन
मंगल09:1110:10दिन
सूर्य10:1011:09दिन
शुक्र11:0912:08दिन
बुध12:0813:07दिन
चंद्र13:0714:07दिन
शनि14:0715:06दिन
गुरु15:0616:05दिन
मंगल16:0517:04दिन
सूर्य17:0418:03दिन
शुक्र18:0319:04रात
बुध19:0420:05रात
चंद्र20:0521:06रात
शनि21:0622:07रात
गुरु22:0723:08रात
मंगल23:0800:09रात
सूर्य00:0901:10रात
शुक्र01:1002:11रात
बुध02:1103:12रात
चंद्र03:1204:13रात
शनि04:1305:14रात
गुरु05:1406:15रात

अयनांश 24.2448° (लाहिड़ी)। समय ग़ाज़ियाबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।