7 मार्च 2026 को गुंटूर का चौघड़िया

शनिवार, 7 मार्च 2026, गुंटूर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 मार्च 2026 को गुंटूर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (19:17 तक), नक्षत्र चित्रा (11:15 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 09:20 से 10:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 18:16
रात 06:21 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:17 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 11:15 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:22 – 07:51टालें
शुभ07:51 – 09:20शुभ
रोग09:20 – 10:49टालें
उद्वेग10:49 – 12:19टालें
चर12:19 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:17शुभ
अमृत15:17 – 16:47शुभ
काल16:47 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:16 – 19:47शुभ
उद्वेग19:47 – 21:17टालें
शुभ21:17 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:18शुभ
चर00:18 – 01:49सामान्य
रोग01:49 – 03:20टालें
काल03:20 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:21शुभ

7 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 19:17 तक
कृष्ण पंचमी 21:11, 8 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 11:15 तक
स्वाति 13:31, 8 मार्च तक
योग
वृद्धि 06:52 तक
ध्रुव 07:04, 8 मार्च तक
करण
बव 06:31 तक
बालव 19:17 तक
कौलव 08:11, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
21:37
चंद्रास्त
08:34
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:20 – 10:49
यमगंड
13:48 – 15:17
गुलिक काल
06:22 – 07:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2207:21दिन
गुरु07:2108:21दिन
मंगल08:2109:20दिन
सूर्य09:2010:20दिन
शुक्र10:2011:19दिन
बुध11:1912:19दिन
चंद्र12:1913:18दिन
शनि13:1814:18दिन
गुरु14:1815:17दिन
मंगल15:1716:17दिन
सूर्य16:1717:17दिन
शुक्र17:1718:16दिन
बुध18:1619:16रात
चंद्र19:1620:17रात
शनि20:1721:17रात
गुरु21:1722:18रात
मंगल22:1823:18रात
सूर्य23:1800:18रात
शुक्र00:1801:19रात
बुध01:1902:19रात
चंद्र02:1903:20रात
शनि03:2004:20रात
गुरु04:2005:20रात
मंगल05:2006:21रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय गुंटूर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।