14 जनवरी 2028 को गुंटूर का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028, गुंटूर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028 को गुंटूर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (23:17 तक), नक्षत्र आश्लेषा (13:56 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:54
रात 06:39 तक
तिथि
तृतीया, 23:17 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 13:56 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:39 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:05टालें
उद्वेग15:05 – 16:30टालें
चर16:30 – 17:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:54 – 19:30टालें
काल19:30 – 21:05टालें
लाभ21:05 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:52शुभ
अमृत01:52 – 03:28शुभ
चर03:28 – 05:03सामान्य
रोग05:03 – 06:39टालें

14 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 23:17 तक
कृष्ण चतुर्थी 20:10, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:25, 15 जन॰ तक
योग
प्रीति 09:47 तक
आयुष्मान 05:51, 15 जन॰ तक
सौभाग्य 02:10, 16 जन॰ तक
करण
वणिज 12:57 तक
विष्टि (भद्रा) 23:17 तक
बव 09:41, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 13:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
20:21
चंद्रास्त
08:20
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:17
यमगंड
15:05 – 16:30
गुलिक काल
08:03 – 09:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3907:35दिन
बुध07:3508:31दिन
चंद्र08:3109:28दिन
शनि09:2810:24दिन
गुरु10:2411:20दिन
मंगल11:2012:17दिन
सूर्य12:1713:13दिन
शुक्र13:1314:09दिन
बुध14:0915:05दिन
चंद्र15:0516:02दिन
शनि16:0216:58दिन
गुरु16:5817:54दिन
मंगल17:5418:58रात
सूर्य18:5820:02रात
शुक्र20:0221:05रात
बुध21:0522:09रात
चंद्र22:0923:13रात
शनि23:1300:17रात
गुरु00:1701:20रात
मंगल01:2002:24रात
सूर्य02:2403:28रात
शुक्र03:2804:32रात
बुध04:3205:35रात
चंद्र05:3506:39रात

अयनांश 24.2487° (लाहिड़ी)। समय गुंटूर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।