27 फ़रवरी 2029 को गुंटूर का चौघड़िया

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2029, गुंटूर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2029 को गुंटूर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (02:05, 28 फ़र॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:47 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 15:17 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:14
रात 06:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:05 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:47 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:27 – 07:55टालें
उद्वेग07:55 – 09:24टालें
चर09:24 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:17टालें
शुभ15:17 – 16:46शुभ
रोग16:46 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:14 – 19:46टालें
लाभ19:46 – 21:17शुभ
उद्वेग21:17 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:23सामान्य
रोग03:23 – 04:55टालें
काल04:55 – 06:26टालें

27 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:05, 28 फ़र॰ तक
पूर्णिमा 22:40, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 18:13, 28 फ़र॰ तक
योग
शोभन 07:59 तक
अतिगंडअशुभ 04:17, 28 फ़र॰ तक
सुकर्मा 00:16, 1 मार्च तक
करण
गर 15:38 तक
वणिज 02:05, 28 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:25, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 20:47 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
16:58
चंद्रास्त
05:00
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
15:17 – 16:46
यमगंड
09:24 – 10:52
गुलिक काल
12:20 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2707:26दिन
सूर्य07:2608:25दिन
शुक्र08:2509:24दिन
बुध09:2410:23दिन
चंद्र10:2311:21दिन
शनि11:2112:20दिन
गुरु12:2013:19दिन
मंगल13:1914:18दिन
सूर्य14:1815:17दिन
शुक्र15:1716:16दिन
बुध16:1617:15दिन
चंद्र17:1518:14दिन
शनि18:1419:15रात
गुरु19:1520:16रात
मंगल20:1621:17रात
सूर्य21:1722:18रात
शुक्र22:1823:19रात
बुध23:1900:20रात
चंद्र00:2001:21रात
शनि01:2102:22रात
गुरु02:2203:23रात
मंगल03:2304:24रात
सूर्य04:2405:25रात
शुक्र05:2506:26रात

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय गुंटूर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।