1 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, गुरुग्राम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:35 तक), नक्षत्र रोहिणी (04:27, 2 अक्टू॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 13:40 से 15:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:08
रात 06:15 तक
तिथि
पंचमी, 12:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 04:27 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:43शुभ
रोग07:43 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:11सामान्य
लाभ12:11 – 13:40शुभ
अमृत13:40 – 15:09शुभ
काल15:09 – 16:38टालें
शुभ16:38 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:08 – 19:39शुभ
चर19:39 – 21:09सामान्य
रोग21:09 – 22:40टालें
काल22:40 – 00:11टालें
लाभ00:11 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:44शुभ
अमृत04:44 – 06:15शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:35 तक
कृष्ण षष्ठी 10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 04:27, 2 अक्टू॰ तक
मृगशिरा 02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 21:18 तक
व्यतीपातअशुभ 18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:35 तक
गर 23:25 तक
वणिज 10:15, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
21:20
चंद्रास्त
11:01
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
13:40 – 15:09
यमगंड
06:14 – 07:43
गुलिक काल
09:13 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:14दिन
मंगल07:1408:13दिन
सूर्य08:1309:13दिन
शुक्र09:1310:12दिन
बुध10:1211:11दिन
चंद्र11:1112:11दिन
शनि12:1113:10दिन
गुरु13:1014:10दिन
मंगल14:1015:09दिन
सूर्य15:0916:09दिन
शुक्र16:0917:08दिन
बुध17:0818:08दिन
चंद्र18:0819:08रात
शनि19:0820:09रात
गुरु20:0921:09रात
मंगल21:0922:10रात
सूर्य22:1023:11रात
शुक्र23:1100:11रात
बुध00:1101:12रात
चंद्र01:1202:12रात
शनि02:1203:13रात
गुरु03:1304:14रात
मंगल04:1405:14रात
सूर्य05:1406:15रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय गुरुग्राम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।