1 जनवरी 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जनवरी 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (22:48 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 13:01 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:03
रात 06:17 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 22:48 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:17 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:19टालें
चर10:19 – 11:40सामान्य
लाभ11:40 – 13:01शुभ
अमृत13:01 – 14:22शुभ
काल14:22 – 15:42टालें
शुभ15:42 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:03 – 18:43शुभ
चर18:43 – 20:22सामान्य
रोग20:22 – 22:01टालें
काल22:01 – 23:40टालें
लाभ23:40 – 01:19शुभ
उद्वेग01:19 – 02:58टालें
शुभ02:58 – 04:38शुभ
अमृत04:38 – 06:17शुभ

1 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:22 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:53, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:48 तक
मृगशिरा 20:04, 2 जन॰ तक
योग
शुभ 17:12 तक
शुक्ल 13:07, 2 जन॰ तक
करण
कौलव 12:06 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 08:38, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
14:45
चंद्रास्त
03:52
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
13:01 – 14:22
यमगंड
06:17 – 07:37
गुलिक काल
08:58 – 10:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1707:10दिन
मंगल07:1008:04दिन
सूर्य08:0408:58दिन
शुक्र08:5809:52दिन
बुध09:5210:46दिन
चंद्र10:4611:40दिन
शनि11:4012:34दिन
गुरु12:3413:28दिन
मंगल13:2814:22दिन
सूर्य14:2215:16दिन
शुक्र15:1616:09दिन
बुध16:0917:03दिन
चंद्र17:0318:09रात
शनि18:0919:16रात
गुरु19:1620:22रात
मंगल20:2221:28रात
सूर्य21:2822:34रात
शुक्र22:3423:40रात
बुध23:4000:46रात
चंद्र00:4601:52रात
शनि01:5202:58रात
गुरु02:5804:05रात
मंगल04:0505:11रात
सूर्य05:1106:17रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।