21 जनवरी 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

बुधवार, 21 जनवरी 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 जनवरी 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:47, 22 जन॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (13:58 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 11:48 से 13:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:17
रात 06:18 तक
तिथि
तृतीया, 02:47 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 13:58 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:18 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:03शुभ
काल09:03 – 10:25टालें
शुभ10:25 – 11:48शुभ
रोग11:48 – 13:10टालें
उद्वेग13:10 – 14:32टालें
चर14:32 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:17 – 18:55टालें
शुभ18:55 – 20:32शुभ
अमृत20:32 – 22:10शुभ
चर22:10 – 23:48सामान्य
रोग23:48 – 01:25टालें
काल01:25 – 03:03टालें
लाभ03:03 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:18टालें

21 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:47, 22 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 02:28, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:27, 22 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:58 तक
वरीयान 17:37, 22 जन॰ तक
करण
तैतिल 14:48 तक
गर 02:47, 22 जन॰ तक
वणिज 14:41, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
07:58
चंद्रास्त
19:39
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:48 – 13:10
यमगंड
07:41 – 09:03
गुलिक काल
10:25 – 11:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1807:13दिन
चंद्र07:1308:08दिन
शनि08:0809:03दिन
गुरु09:0309:58दिन
मंगल09:5810:53दिन
सूर्य10:5311:48दिन
शुक्र11:4812:43दिन
बुध12:4313:38दिन
चंद्र13:3814:32दिन
शनि14:3215:27दिन
गुरु15:2716:22दिन
मंगल16:2217:17दिन
सूर्य17:1718:22रात
शुक्र18:2219:27रात
बुध19:2720:32रात
चंद्र20:3221:37रात
शनि21:3722:43रात
गुरु22:4323:48रात
मंगल23:4800:53रात
सूर्य00:5301:58रात
शुक्र01:5803:03रात
बुध03:0304:08रात
चंद्र04:0805:13रात
शनि05:1306:18रात

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।