8 मार्च 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

रविवार, 8 मार्च 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 मार्च 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (21:11 तक), नक्षत्र स्वाति (13:31 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 16:14 से 17:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:43
रात 05:51 तक
तिथि
पंचमी, 21:11 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 13:31 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:52 – 07:21टालें
चर07:21 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:19शुभ
अमृत10:19 – 11:47शुभ
काल11:47 – 13:16टालें
शुभ13:16 – 14:45शुभ
रोग14:45 – 16:14टालें
उद्वेग16:14 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:43 – 19:14शुभ
अमृत19:14 – 20:45शुभ
चर20:45 – 22:16सामान्य
रोग22:16 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:18टालें
लाभ01:18 – 02:49शुभ
उद्वेग02:49 – 04:20टालें
शुभ04:20 – 05:51शुभ

8 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 21:11 तक
कृष्ण षष्ठी 23:27, 9 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 13:31 तक
विशाखा 16:11, 9 मार्च तक
योग
ध्रुव 07:04 तक
व्याघातअशुभ 07:35, 9 मार्च तक
करण
कौलव 08:11 तक
तैतिल 21:11 तक
गर 10:17, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
22:09
चंद्रास्त
08:29
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
16:14 – 17:43
यमगंड
11:47 – 13:16
गुलिक काल
14:45 – 16:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5206:51दिन
शुक्र06:5107:50दिन
बुध07:5008:50दिन
चंद्र08:5009:49दिन
शनि09:4910:48दिन
गुरु10:4811:47दिन
मंगल11:4712:47दिन
सूर्य12:4713:46दिन
शुक्र13:4614:45दिन
बुध14:4515:44दिन
चंद्र15:4416:44दिन
शनि16:4417:43दिन
गुरु17:4318:44रात
मंगल18:4419:44रात
सूर्य19:4420:45रात
शुक्र20:4521:46रात
बुध21:4622:46रात
चंद्र22:4623:47रात
शनि23:4700:48रात
गुरु00:4801:48रात
मंगल01:4802:49रात
सूर्य02:4903:50रात
शुक्र03:5004:50रात
बुध04:5005:51रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।