6 नवंबर 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (10:31 तक), नक्षत्र हस्त (04:43, 7 नव॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 09:56 से 11:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 16:56
रात 05:44 तक
तिथि
द्वादशी, 10:31 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 04:43 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:44 – 07:08सामान्य
लाभ07:08 – 08:32शुभ
अमृत08:32 – 09:56शुभ
काल09:56 – 11:20टालें
शुभ11:20 – 12:44शुभ
रोग12:44 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:32टालें
चर15:32 – 16:56सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:56 – 18:32टालें
काल18:32 – 20:08टालें
लाभ20:08 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:20टालें
शुभ23:20 – 00:56शुभ
अमृत00:56 – 02:32शुभ
चर02:32 – 04:08सामान्य
रोग04:08 – 05:44टालें

6 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 10:31 तक
कृष्ण त्रयोदशी 10:48, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 04:43, 7 नव॰ तक
चित्रा 05:52, 8 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 04:10, 7 नव॰ तक
प्रीति 03:27, 8 नव॰ तक
करण
तैतिल 10:31 तक
गर 22:36 तक
वणिज 10:48, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
02:52
चंद्रास्त
14:53
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:56 – 11:20
यमगंड
14:08 – 15:32
गुलिक काल
07:08 – 08:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4406:40दिन
बुध06:4007:36दिन
चंद्र07:3608:32दिन
शनि08:3209:28दिन
गुरु09:2810:24दिन
मंगल10:2411:20दिन
सूर्य11:2012:16दिन
शुक्र12:1613:12दिन
बुध13:1214:08दिन
चंद्र14:0815:04दिन
शनि15:0416:00दिन
गुरु16:0016:56दिन
मंगल16:5618:00रात
सूर्य18:0019:04रात
शुक्र19:0420:08रात
बुध20:0821:12रात
चंद्र21:1222:16रात
शनि22:1623:20रात
गुरु23:2000:24रात
मंगल00:2401:28रात
सूर्य01:2802:32रात
शुक्र02:3203:36रात
बुध03:3604:40रात
चंद्र04:4005:44रात

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।