4 अक्टूबर 2027 को हावड़ा का चौघड़िया

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (01:36, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (00:44, 5 अक्टू॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 06:58 से 08:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:22
रात 05:29 तक
तिथि
पंचमी, 01:36 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:44 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:29 – 06:58शुभ
काल06:58 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:56शुभ
रोग09:56 – 11:25टालें
उद्वेग11:25 – 12:54टालें
चर12:54 – 14:23सामान्य
लाभ14:23 – 15:52शुभ
अमृत15:52 – 17:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:22 – 18:52सामान्य
रोग18:52 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:54टालें
लाभ21:54 – 23:25शुभ
उद्वेग23:25 – 00:56टालें
शुभ00:56 – 02:27शुभ
अमृत02:27 – 03:58शुभ
चर03:58 – 05:29सामान्य

4 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 01:36, 5 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 02:33, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:44, 5 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 02:15, 6 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 12:25 तक
आयुष्मान 11:43, 5 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:26 तक
बालव 01:36, 5 अक्टू॰ तक
कौलव 13:59, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
09:31
चंद्रास्त
20:21
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
06:58 – 08:27
यमगंड
09:56 – 11:25
गुलिक काल
12:54 – 14:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2906:28दिन
शनि06:2807:28दिन
गुरु07:2808:27दिन
मंगल08:2709:26दिन
सूर्य09:2610:26दिन
शुक्र10:2611:25दिन
बुध11:2512:25दिन
चंद्र12:2513:24दिन
शनि13:2414:23दिन
गुरु14:2315:23दिन
मंगल15:2316:22दिन
सूर्य16:2217:22दिन
शुक्र17:2218:22रात
बुध18:2219:23रात
चंद्र19:2320:23रात
शनि20:2321:24रात
गुरु21:2422:25रात
मंगल22:2523:25रात
सूर्य23:2500:26रात
शुक्र00:2601:27रात
बुध01:2702:27रात
चंद्र02:2703:28रात
शनि03:2804:28रात
गुरु04:2805:29रात

अयनांश 24.2448° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।