13 मार्च 2028 को हावड़ा का चौघड़िया

सोमवार, 13 मार्च 2028, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 मार्च 2028 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:39 तक), नक्षत्र चित्रा (22:54 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 07:17 से 08:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 17:45
रात 05:46 तक
तिथि
तृतीया, 20:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 22:54 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:47 – 07:17शुभ
काल07:17 – 08:46टालें
शुभ08:46 – 10:16शुभ
रोग10:16 – 11:46टालें
उद्वेग11:46 – 13:16टालें
चर13:16 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:15शुभ
अमृत16:15 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:45 – 19:15सामान्य
रोग19:15 – 20:45टालें
काल20:45 – 22:15टालें
लाभ22:15 – 23:46शुभ
उद्वेग23:46 – 01:16टालें
शुभ01:16 – 02:46शुभ
अमृत02:46 – 04:16शुभ
चर04:16 – 05:46सामान्य

13 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:39 तक
कृष्ण चतुर्थी 18:23, 14 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 22:54 तक
स्वाति 21:26, 14 मार्च तक
योग
वृद्धि 08:24 तक
ध्रुव 05:03, 14 मार्च तक
व्याघातअशुभ 02:15, 15 मार्च तक
करण
वणिज 10:03 तक
विष्टि (भद्रा) 20:39 तक
बव 07:26, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 11:54 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
20:19
चंद्रास्त
07:00
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
07:17 – 08:46
यमगंड
10:16 – 11:46
गुलिक काल
13:16 – 14:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4706:47दिन
शनि06:4707:47दिन
गुरु07:4708:46दिन
मंगल08:4609:46दिन
सूर्य09:4610:46दिन
शुक्र10:4611:46दिन
बुध11:4612:46दिन
चंद्र12:4613:46दिन
शनि13:4614:45दिन
गुरु14:4515:45दिन
मंगल15:4516:45दिन
सूर्य16:4517:45दिन
शुक्र17:4518:45रात
बुध18:4519:45रात
चंद्र19:4520:45रात
शनि20:4521:45रात
गुरु21:4522:45रात
मंगल22:4523:46रात
सूर्य23:4600:46रात
शुक्र00:4601:46रात
बुध01:4602:46रात
चंद्र02:4603:46रात
शनि03:4604:46रात
गुरु04:4605:46रात

अयनांश 24.2509° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।